Covishield vs Covaxin | Corona के खिलाफ कोविशील्ड और कोवैक्सीन का दम

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देश में कोविड-19 लगाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है। सरकार का लक्ष्य जुलाई तक 30 करोड़ लोगों को खुराक देने का है। ऐसे में इसे दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भी कहा जा रहा है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कोविड-19 के इलाज के लिए कोविशील्ड(Covishield) और कोवैक्सीन(Covaxin) के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दी है। आइए जानते हैं कि दोनों Corona Vaccine in India (Covishield vs Covaxin) कितने कारगर हैं और यह कैसे काम करती है?

कोवैक्सीन | Covaxin

निर्माता
इसका निर्माण भारतीय चिकित्सा परिषद (आईसीएमआर) और हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने मिलकर किया है।

ऐसे हुई तैयार
इसमें मृत corona वायरस का इस्तेमाल किया गया। जिससे वह लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सके। यह शरीर में कोरोना संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी का निर्माण करता है।

परीक्षण                                                                                                                          अभी कोवैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण जारी है। यह काफी प्रभावी और सुरक्षित है। पहले और दूसरे चरण में 800 लोग शामिल हुए थे और तीसरे चरण में 22000 से ज्यादा लोग शामिल हैं। अभी तक किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई है।

अंतराल
कोवैक्सीन की दो खुराक के मध्य 2 हफ्ते का अंतराल होगा। कोविशील्ड की तरह इसे भी दो से 8 डिग्री तापमान पर रखा जा सकता है।

कोविशील्ड | Covishield

निर्माता
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी एस्ट्रेजनेका की Corona Vaccine का भारत में निर्माण पुणे स्थित सिरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया कोविशील्ड के नाम से कर रही है। 5 करोड़ से ज्यादा खुराक तैयार हैं और कंपनी का दावा है कि वह हर महीने 5 से 6 करोड़ खुराक का उत्पादन कर सकती है।

ऐसे हुई तैयार
वैक्सीन को सर्दी के साधारण वायरस एडिनोवायरस से तैयार किया है। चिंपांजी को संक्रमित करने वाले वायरस में बदलाव के बाद वैक्सीन को तैयार किया गया है, जिससे मनुष्य संक्रमित ना हो।

परीक्षण
वैक्सीन को 18 या उससे अधिक उम्र के 23 हजार से अधिक लोगों पर परीक्षण किया गया। और दूसरे चरण में 1000 लोगों को शामिल किया गया। आंकड़े दूसरे देशों में हुए परीक्षण के आंकड़ों से मेल खाते हैं।

प्रभाव
परीक्षणों में कोविशील्ड 70 फीसदी प्रभावी रही है। जबकि फाइजर और मॉडर्न जैसी वैक्सीन को अधिक प्रभावी आंका गया है। हालांकि किसी भी Corona Vaccine को सिर्फ 50 फीसदी प्रभावी होना अनिवार्य होता है। वही कोविशील्ड के निर्माताओं ने नवंबर में जारी बयान में इसे 90 फ़ीसदी से अधिक प्रभावी बताया था।

अंतराल
4 से 6 सप्ताह के अंतराल में कोविशील्ड की दो खुराक दी जाएगी जिन्हें 2 से 8 डिग्री तापमान के मध्य रखा जा सकता है।

वैक्सीन की कीमत (Corona Vaccine Price in India)

भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ने वैक्सीन की कीमतों को लेकर ऑफिशियल तौर से कोई जानकारी नहीं दी है. सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने पहले कहा था कि कोविशील्ड (Covishield) की कीमत लगभग 400 रुपये होने की संभावना है, जबकि कोवैक्सीन (Covaxin) की कीमत 200 रुपये से कम हो सकती है।

Covishield vs Covaxin:- दोनों में से कौन सी वैक्‍सीन बेहतर है?

Covishield vs Covaxin कौन है ज्यादा असरदार? हाल ही में हुए नए अध्ययन के अनुसार, कोवैक्सीन और कोवीशील्ड दोनों वायरस को जड़ से ख़त्म करने में बहुत प्रभावी हैं। क्लीनिकल ट्रायल मे दोनों वैक्सीन के अच्छे परिणाम दिखे गए। Covaxin दो तरह के बूस्‍टर यूज करती है, ऐसे में यह बाकी इनऐक्टिवेटेड SARS-CoV-2 टीकों के मुकाबले बेहतर साबित हो सकती है। चीन की दो कंपनिनों ने इसी तरीके से टीके बनाए हैं मगर उनमें एक ही बूस्‍टर है। हालांकि Covishield से इसकी तुलना नहीं हो सकती क्‍योंकि दोनों अलग-अलग बेस पर बनाई गई हैं। दोनों में से कौन सा टीका ज्‍यादा बेहतर है, इसका पता इम्‍युन रेस्‍पांस पर लंबी रिसर्च के बाद ही चल पाएगा।

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covishield vs covaxin in hindi

 

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