उज्जायी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे | UJJAYI PRANAYAM STEPS AND BENEFITS IN HINDI

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Ujjayi Pranayam in Hindi

दोस्तों उज्जाई प्राणायाम के अनगिनत फायदे हैं । यह एक प्राचीन युग तकनीक है जिसके अभ्यास से आप बहुत लंबे समय तक जवां लगते हैं। तो आइए आज के इस लेख में उज्जाई प्राणायाम करने का तरीका(Ujjayi Pranayam in Hindi), उसके फायदे और बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बात करते हैं। और हां उज्जाई प्राणायाम से संबंधित एक वीडियो भी आपके साथ साझा किया गया है जिसे यह लेख पढ़ने के बाद देखना ना भूलें।

उज्जायी प्राणायाम क्या है? | Ujjayi Pranayam in Hindi

उज्जाई शब्द संस्कृत के 2 शब्दों ‘जी’ और ‘उद’ से लिया गया है। जी का अर्थ है “जीतना या विजई होना” और उद का अर्थ है “बंधन”। अगर आप अपने मन और शरीर को शांत रखना चाहते हैं। और साथ में पूरी उम्र जवां दिखना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ें।

उज्जाई प्राणायाम करने का तरीका | Ujjayi Pranayam Karne Ka Tarika

  •  सबसे पहले शांत वातावरण में चटाई या योगा मैट बिछाकर पद्मासन या सिद्धासन में बैठ जाएं।
  •  अपने पूरे शरीर को सीधा रखें और मुंह बंद रहे।
  •  अब धीरे-धीरे सामान्य रूप से सांस ले । फिर अपना पूरा ध्यान गले पर ले जाएं ।
  •  इसके बाद ऐसा अनुभव करें कि स्वास गले से आ-जा रहा है।
  •  स्वास को धीमा कर के अपने कंठ द्वार को थोड़ा संकुचित करें ऐसा करने पर आपको प्रतीत होगा कि गले से हल्की आवाज आ रही है।
  •  उज्जाई प्राणायाम में गले को टाइट कर सांस भरते हैं। फिर यथाशक्ति रोकने के बाद दाई नाक को बंद कर बाएं से श्वास छोड़ते हैं।
  •  ऊपर बताए गए तरीके से आपको बाएं और दाएं नाक से इस प्रक्रिया को करना है।
  •  शुरू में इसे 8 से 10 मिनट तक कर सकते हैं। उसके बाद इस समय सीमा को बढ़ा सकते हैं।
  •  अगर आपको बैठने में किसी भी प्रकार की समस्या है तो इसे खड़े होकर या लेट कर भी कर सकते हैं।

Ujjayi Pranayam in Hindi

उज्जाई प्राणायाम के लाभ | Ujjayi Pranayam ke Labh

  •  उज्जाई प्राणायाम के अभ्यास से मन मस्तिष्क शांत रहता है।
  •  शास्त्रों में कहा गया है कि इस प्राणायाम के अभ्यास से आप बहुत लंबे समय तक जवां रहते हैं।
  •  इसके अभ्यास से शरीर स्वस्थ, मजबूत व चमकदार बनता है।
  •  साइनस, गठिया और माइग्रेन जैसी बीमारियों में लाभकारी है।
  •  थायराइड पीड़ितों के लिए यह प्राणायाम रामबाण है।
  •  इसके नियमित अभ्यास से पाचन शक्ति दुरुस्त रहती है।
  •  हृदय रोगियों के लिए यह अच्छा प्राणायाम है।
  •  सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों से दूर रखता है।
  •  शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है।

उज्जाई प्राणायाम करने में सावधानियां | Ujjayi Pranayam Karne me Savdhaniya

  •  अगर आपको उच्च रक्तचाप की समस्या है तो स्वास को धीरे-धीरे भरे।
  •  अगर थायराइड बहुत बड़ा हुआ है तो इसका अभ्यास ना करें। किसी विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही अभ्यास करें।
  •  सांस लेने में कोई तकलीफ हो रही है तो योग चिकित्सक के परामर्श के बाद ही शुरू करें।(Ujjayi Pranayam in Hindi)

उज्जायी प्राणायाम का वीडियो | Ujjayi Pranayam ka Video

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